Wednesday, June 9, 2010

*

कुछ के चेहरे खिले खूब तो कुछ उदास हो गए
कुछ दूर हुए   किसी  से  तो  कुछ पास हो गए
मुहब्बत की तासीर के   रंग  अलग   अलग हैं
 
कुछ आशियाने में रहे तो कुछ देवदास हो गए.
-------------------------------------

No comments:

Post a Comment