बेखुदी बेसबब नहीं होती
बेबसी यूँ सबको नहीं होती
हम ही रोया फिरा करते हैं क्यूँ
क्यूँ ये दर्द उनको नहीं होती.
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बेबसी यूँ सबको नहीं होती
हम ही रोया फिरा करते हैं क्यूँ
क्यूँ ये दर्द उनको नहीं होती.
जीवन में किसकी रुआब है ? दिन के आफताब की या रात के माफताब की !
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