मेरी जिन्दगी तो इक दिया,जो कभी जला ही नहीं
जिसे चाहा मै दिल से वो मुझे मिला ही नहीं
कोशिश तो बहुत की उसे पाने की मगर
मेरे देखने से क्या हो , जब वो मुडा ही नहीं.
जिसे चाहा मै दिल से वो मुझे मिला ही नहीं
कोशिश तो बहुत की उसे पाने की मगर
मेरे देखने से क्या हो , जब वो मुडा ही नहीं.
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