जीवन में किसकी रुआब है ? दिन के आफताब की या रात के माफताब की !
Wednesday, June 9, 2010
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दुआ है कि बरक़रार ये उमर रखिये बेखबर होकर भी उनकी खबर रखिये इतना न देखो उनको कि बुरा मान जाएँ तब तक अपनी नजरों पर भी नजर रखिये.
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