जिसकी फिराक में न बोला , वह मुझे भुलाने लगा
जिसे दिल दिया मैंने , वह मुझे सताने लगा
मुहब्बत का गम दोस्तों से दूर करूँगा,सोचा था मगर
गम जिसे सुनाने चला , वह गम अपना बताने लगा
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जिसे दिल दिया मैंने , वह मुझे सताने लगा
मुहब्बत का गम दोस्तों से दूर करूँगा,सोचा था मगर
गम जिसे सुनाने चला , वह गम अपना बताने लगा

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