नजदीकियों में भी फासले हैं बहुत
इश्क में गम के मामले हैं बहुत
सब खोता है तो खो जाय मगर
इश्क पाने के हौंसले हैं बहुत.
इश्क में गम के मामले हैं बहुत
सब खोता है तो खो जाय मगर
इश्क पाने के हौंसले हैं बहुत.
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जीवन में किसकी रुआब है ? दिन के आफताब की या रात के माफताब की !
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