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बाँसुरी रूठी है, धुन तुम चली गयी !
दिल कांच सा टूटा है , जोड़ तुम चली गयी !!
हम मोरी में तुम्हें उगाये बैठे थे मगर
कमल तुम मेरी, मुझे छोड़ कर चली गयी !!
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दिल कांच सा टूटा है , जोड़ तुम चली गयी !!
हम मोरी में तुम्हें उगाये बैठे थे मगर
कमल तुम मेरी, मुझे छोड़ कर चली गयी !!
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