Saturday, February 19, 2011

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तेरा पता मालूम नहीं है,तुम सपनो में आ जाना !
मै तुझको अब कैसे भूलूँ ,ये मुझको बतला जाना !!
ख्वाब तो ये पागल मन को भी है मंजूर मगर ,
किसके घर में पानी ढूंढूं ,किसके घर में कोरापन !
तेरे कारन खुद को ढूंढूं , ये  मेरा दीवानापन !!

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