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अपनी हुस्न - ए - हयात न पता , तो क्या पता !
पता न हो तेरे गली का पता , तो क्या पता !!
ऐब-ए-हातिफ के अंदाज - ए -बयाँ कुछ और हैं
पता न हो, कौन अदा-ए-ऐब पे फ़िदा, तो क्या पता !!
---------------जीवन में किसकी रुआब है ? दिन के आफताब की या रात के माफताब की !
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